मंगलवार, 29 सितंबर 2009

जिंदगी तो बेवफा है एक दिन ठुकराएगी !
मौत अपनी महबूबा है साथ लेके जायेगी !
मर के जीने की कला जो दुनिया को सिखलाएगा !
वो मुकद्दर का सिकंदर जानेमन कहलाएगा !!!!