सोमवार, 12 अक्टूबर 2009
lucknow
वो हजरतगंज का समां, वो चौक की चाट,वो मिनी महल की Ice Cream , वह उसमे थी कुछ बात,वो राम आसरे की मिठाई, वो मधुर मिलन का दोसा,वो Marksmen की पावभाजी और शर्मा का समोसा,वो रिक्शा का सफर, वो नींबू पार्क की हवा,वो बुद्धा पार्क की रौनक और दिलकुशा का समां,वो January की कड़ाके की सर्दी, वो बारिशों के महीने,वो गर्मी की छुट्टियाँ, जब छुटते थे पसीने,वो होली की मस्ती, वो दोस्तों की टोली,वो जनपथ का माहोल, वो गोमती की लहरें,वो बोटक्लब का नज़ारा, वह उसके क्या कहने,वो अमीनाबाद की गलियां, वो IT की लड़कियां,वो नोवेल्टी की बालकनी और वो वाजपेयी की पूरियां,वो Aryan का Chinese,वो Roverse का स्टाइल,वो school की लाइफ, और वो कॉलेज की ज़िन्दगी,वो Studyhall का रास्ता और वो कैंटीन की patties,वो भूतनाथ की मार्केट, वो highway के ढाबे,वो पुरनिया चौराहा, वो चारबाग स्टेशन………इतना सब कह दिया पर दिल कहता है और भी कुछ कहूं,ये शहर हैं मेरा अपना, जिसका नाम है.........L U C K N O W
सदा हँसते रहो
ज़िंदगी है छोटी, हर पल में ख़ुश रहो...σfficє मे ख़ुश रहो, घर में ख़ुश रहो...आज पनीर नही है दाल में ही ख़ुश रहो...आज gyм जाने का समय नही, दो क़दम चल के ही ख़ुश रहो...आज दोस्तो का साथ नही, тV देख के ही ख़ुश रहो...घर जा नही सकते तो फ़ोन कर के ही ख़ुश रहो...आज कोई नाराज़ है उसके इस अंदाज़ में भी ख़ुश रहो...जिसे देख नही सकते उसकी आवाज़ में ही ख़ुश रहो...जिसे पा नही सकते उसकी याद में ही ख़ुश रहोLαρтσρ ना मिला तो क्या, Dєรkтσρ में ही ख़ुश रहो...बीता हुआ कल जा चुका है उसकी मीठी यादें है उनमे ही ख़ुश रहो...आने वाले पल का पता नही... सपनो में ही ख़ुश रहो...हसते हसते ये पल बिताएँगे, आज में ही ख़ुश रहोज़िंदगी है छोटी, हर पल में ख़ुश रहो Keep Smiling!!!
खूबसूरत लड़किया
खूबसूरत लड़कियां नहीं मिलतीं आसानी से होती हैं कई प्रतियोगिताएं मिस सिटी से मिस यूनिवर्स तक अब मिसेज भी होने लगी हैं इसके बावजूद नहीं मिलतीं उनके चेहरे पर लिपे होते हैं प्रायोजकों के लेप हर अंग पर लिपटी होती हैं आयोजकों की चिंदियां फिर भी नहीं होतीं वे खूबसूरत उनके चेहरे पर चमकता है बाजार अंतत: खारिज हो जाती हैं अगले साल खूबसूरत लड़कियां नहीं मिलती प्रतियोगिताओं से खूबसूरत लड़कियां जूझती हैं जीवन से उनके चेहरे पर चमकती हैं पसीने की बूंदें उनके दिल में होती है निश्छलता नहीं जानतीं वे बाजार भाव वे बिकाऊ नहीं
एक काला आदमीबहुत ही कालाकाला स्याहसुपर कालाजैड ब्लैकडबल अफ्रीकनएल्डर सन ऑफ अमावस्यऔंधे तवे का ताऊपहाडी कौए का पडदादाकोयल संप्रदाय का दादूबंगाल का काला जादूतारकोल जिसके पैरों में भक्ति भाव से पसरता हो,कोयला जिसका रूप रंग पाने के लिये, सदियों तक जमीन के नीचे बैठ कर तपस्या करता होजिसदिन उस कालानुभाव के दर्शन हुए, जमीन थमी रह गयीअब इससे ज्यादा क्या कहुँ,इतना कहने के बाद भी, मेरे पास शब्दों की कमी रह गयीशादी होते ही माँ-बाप को धक्के देकर बाहर निकाल देने वाली औलाद सा कपूत,कुल मिला कर इतना काला जितनी किसी भ्रष्ट नेता की करतूतएक दुकान पर गयाना शर्म ना हयाबोला - फेयर एण्ड लवली हैदुकानदार ने कहा नहींतो कहने लगा -फेयर-फेयर नैस जैसी कोई और क्रीम सहीदुकानदार बोला वो भी नहींतो बोला - कोई औरतो जब इस बार भी गर्दन दुकानदार ने इंकार में हिलाईतो कहने लगा - Cherry Blossom ही दे देकम से कम चमक तो बनी रहेगी भाई
आज हम एक अजीबो गरीब प्राणी के बारे में पढायेंगे . . . . . . . .इस जंतु का नाम है "GirlFriend" . . . . . .ये अक्सर "Boyfriend" के साथ पाई जाती है !इनका पोस्टिक आहार "Boyfriend" का भेजा होता है !इनको अक्सर नाराज होने का नाटक करते हुए देखा जा सकता है ! पर अगर पैसे खर्च किये जाये तो फीर नाटक ख़त्म हो जाता है...इस प्राणी का सबसे खतरनाक हथियार रोना और इमोशनली ब्लैक मेल करना होता है !गर्ल फ्रेंड से ब्रेक अप पर टेंशन नाम की बीमारी हो जाती है, जिसका कोई इलाज नहीं.. ये ही एक ऐसा प्राणी है जिसपे कोई विस्वास नहीं करता है...गर्ल फ्रेंड के लिए बॉय फ्रेंड कुछ भी कर सकता है, यहाँ तक की हस्ते हस्ते कुत्ता भी बनता है... इस प्राणी में बहुत सारे अवगुण फीर भी ये प्राणी इतनी आसानी से नहीं मिलता है, ये प्राणी भाव बहुत खाता है, पर इस प्राणी के पास होता कुछ भी नहीं है जो वास्तविक हो जिसपे भाव खाया जा सके..... ये प्राणी नर प्राणी को बर्बाद करने में कोई भी कसर नहीं छोरता है... ये प्राणी रुपया को आसानी से सूंघ सकता है......
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